
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की जायज़ मांगों को सुनने के बजाय उनके लोकतांत्रिक विरोध को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और कांग्रेस इसकी कड़ी निंदा करती है।परविंदर सिंह ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। छात्र केवल पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग की।उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षित भविष्य चाहता है, लेकिन बार-बार परीक्षाएं रद्द होने, पेपर लीक और भर्ती में देरी से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के समक्ष आयोजित कांग्रेस के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा राहुल गांधी के साथ भी धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि यह मोदी सरकार की “हिटलरशाही” को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के अधिकारों, रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दों को लेकर देशभर में जन-जागरण अभियान चलाएगी। साथ ही केंद्र सरकार से छात्रों की आवाज़ सुनने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने की मांग की।







