
जमशेदपुर, 10 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को लेकर सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता दीपक रंजीत ने टाटा स्टील की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पोटका, मुसाबनी, डुमरिया और घाटशिला समेत कई क्षेत्रों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और मौतों की खबरें भी सामने आ रही हैं। ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।दीपक रंजीत ने कहा कि टाटा स्टील हर वर्ष CSR के तहत स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मौजूदा मलेरिया संकट के दौरान जिले में किसी बड़े विशेष मलेरिया नियंत्रण अभियान की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि पोटका विधायक संजीब सरदार ने भी कंपनी प्रबंधन को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य एवं मलेरिया नियंत्रण अभियान चलाने का आग्रह किया है।उन्होंने टाटा स्टील से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की कि मलेरिया नियंत्रण के लिए क्या विशेष CSR अभियान चलाया जा रहा है, कितने गांवों में मेडिकल कैंप लगाए गए, कितने लोगों की जांच और उपचार हुआ, कितनी मच्छरदानियां व दवाइयां वितरित की गईं तथा इस अभियान पर CSR मद से कितनी राशि खर्च की गई।दीपक रंजीत ने मांग की कि टाटा स्टील जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप, मोबाइल हेल्थ यूनिट, निःशुल्क जांच, दवा वितरण, मच्छरदानी वितरण और जनजागरूकता अभियान युद्धस्तर पर शुरू करे। उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में लोगों को केवल संवेदनाओं नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी सहयोग की आवश्यकता है।







