कैरव गांधी अपहरण कांड: मुठभेड़ के बाद अपराधी गिरफ्तार, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 3 बदमाशों को लगी गोली
जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026: लौहनगरी के चर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले में आज एक बड़ा और सनसनीखेज मोड़ आया। 14 दिनों तक चले इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे का अंत न केवल उद्यमी की सुरक्षित वापसी से हुआ, बल्कि पुलिस और अपहरणकर्ताओं के बीच हुई हिंसक मुठभेड़ ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

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सुरक्षित वापसी और पुलिस का दबाव
आदित्यपुर के प्रमुख उद्यमी और ‘एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी, जिनका 14 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर इलाके से अपहरण कर लिया गया था, अब सुरक्षित अपने घर वापस आ चुके हैं। पुलिस द्वारा बनाई गई 7 विशेष जांच टीमों (SIT) और लगातार बढ़ती दबिश के कारण अपहरणकर्ता घबरा गए।
एसएसपी पीयूष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस की घेराबंदी और तकनीकी सर्विलांस से खुद को घिरता देख, अपहरणकर्ताओं ने कैरव को हजारीबाग के बरही और चौपारण के बीच जीटी रोड (GT Road) पर सुनसान जगह पर छोड़ दिया और फरार हो गए। 27 जनवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से सुरक्षित रेस्क्यू किया। बताया जा रहा है कि इस फिरौती के लिए व्हाट्सएप के जरिए इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे विदेशी नंबरों से 5 से 10 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
आधी रात को ‘सीन रिक्रिएशन’ के दौरान मुठभेड़
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने जब पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की, तो उन्होंने सर्किट हाउस (CH Area) के पास हथियार छिपाने की बात स्वीकार की। कल देर रात (29 जनवरी की रात) करीब 2 बजे, पुलिस की टीम आरोपियों को हथियार बरामद करने और अपराध के दृश्य को रीक्रिएट (Scene Recreation) करने के लिए मौके पर ले गई थी।
इसी दौरान, अपराधियों ने एक दुस्साहसिक कदम उठाया। अंधेरे का फायदा उठाकर एक बदमाश ने सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल से उसकी कार्बाइन गन छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बचाव करते हुए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
फायरिंग का ब्योरा और एसएसपी का खुलासा
आज शाम 4 बजे एसएसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी पीयूष पांडेय ने घटना की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि:
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अपराधियों की ओर से 6 राउंड गोलियां चलाई गईं।
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जवाबी कार्रवाई में जमशेदपुर पुलिस ने 5 राउंड फायरिंग की।
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इस मुठभेड़ में तीन मुख्य आरोपी— गुड्डू सिंह, इमरान आलम और रमीज राजा (तीनों बिहार के गया और नालंदा के निवासी)—के पैरों में गोली लगी है।
घायल अपराधियों को तुरंत इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से दो देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

शहर में राहत और पुलिस की कार्यशैली पर प्रशंसा
कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी और अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद जमशेदपुर के व्यापारिक समुदाय और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। देवांग गांधी, जो आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के उपाध्यक्ष भी हैं, ने पुलिस प्रशासन और मीडिया का आभार व्यक्त किया है।
इस पूरे ऑपरेशन में ‘IITian’ सिटी एसपी कुमार शिवाशीष और उनकी टीम के ‘डिजिटल जाल’ की भी काफी सराहना हो रही है, जिन्होंने तकनीक का सटीक इस्तेमाल कर अपराधियों को भागने का मौका नहीं दिया।












