संगीत,, मीडिया और कला जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में एक नए गीत का भव्य विमोचन किया गया। यह अवसर न केवल एक रचनात्मक प्रस्तुति का प्रतीक बना, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के एक साथ आने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर कई जाने-माने और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में डॉ. बुरोशिव दासगुप्ता (प्रख्यात शिक्षाविद एवं Newscope Newsportal के संस्थापक व सलाहकार), सुगतो गुहा (प्रख्यात विज्ञापन विशेषज्ञ एवं फिल्म पटकथा लेखक), राजीव मेहरा (प्रोड्यूसर एवं मीडिया प्रोफेशनल), अरिंदम गांगुली (प्रसिद्ध गायक एवं अभिनेता), डॉ. सुदीप्ता रॉय चौधरी (शिक्षाविद, Communicare4u की संस्थापक एवं गायिका), अशोक भद्रा (गीत के संगीतकार एवं हजारों सुपरहिट गीतों के रचनाकार) तथा देबांग्शु चक्रवर्ती (गीत के गीतकार) विशेष रूप से मौजूद रहे।

इस गीत को प्रसिद्ध संगीतकार अशोक भद्रा ने संगीतबद्ध किया है, जो अपने लंबे और सफल करियर में कई सुपरहिट गीतों के लिए जाने जाते हैं। उनकी संगीत रचना में एक खास संवेदनशीलता और व्यापकता देखने को मिलती है, जो हर उम्र के श्रोताओं को आकर्षित करती है। वहीं, इस गीत के बोल देबांग्शु चक्रवर्ती ने लिखे हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से भावनाओं को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है। गीत के शब्द और संगीत का संयोजन इसे एक यादगार प्रस्तुति बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संगीत और कला के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने, भावनाओं को व्यक्त करने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे रचनात्मक प्रयास न केवल स्थापित कलाकारों को एक नया मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उभरती प्रतिभाओं को भी प्रेरित करते हैं।
डॉ. बुरोशिव दासगुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई पीढ़ी को रचनात्मक दिशा मिलती है। वहीं, सुगतो गुहा और राजीव मेहरा ने मीडिया और संगीत के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में अच्छी सामग्री ही दर्शकों तक पहुंच बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
अरिंदम गांगुली और डॉ. सुदीप्ता रॉय चौधरी ने भी इस गीत को लेकर अपनी उत्सुकता व्यक्त की और विश्वास जताया कि यह गीत श्रोताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस गीत में भावनात्मक गहराई और संगीतात्मक गुणवत्ता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है।
कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण में हुआ, जहां सभी अतिथियों ने इस रचनात्मक पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और भी उत्कृष्ट कार्यों की उम्मीद जताई। यह आयोजन न केवल एक गीत के विमोचन तक सीमित रहा, बल्कि कला, संस्कृति और रचनात्मकता के संगम का प्रतीक बन गया।
संगीत प्रेमियों के लिए यह नया गीत एक ताजगी भरा अनुभव लेकर आने वाला है, और उम्मीद की जा रही है कि यह जल्द ही श्रोताओं के बीच लोकप्रियता हासिल करेगा तथा अपनी एक खास पहचान बनाएगा।







